Skip to main content

प्यारी बातें


जब वक़्त हो और कोई पूछ ले
कैसे हो, वो है प्यारी बातें,
जब बेवक़्त हो और कोई कह दे
कुछ नहीं होगा वो है प्यारी बातें ।

जब तुम खुश हो और कोई हँसके
खुश हो जाये, वो है प्यारी बातें।
जब तुम किस्मत को कोसो और कोई
तुम्हारे हाथों को पकड़ कर थाम ले
एक लम्हे के लिए ,वो है प्यारी बातें।

जब तुम हो सहारा किसी का,
और कोई आगे बढ़े ज़िन्दगी में,
वो है प्यारी बातें।
और जब तुम्हारे साथ कोई न हो,
और कोई पलके झपका के तुम्हारी हँसी ले आये,
वो है प्यारी बातें।

जब तुम आँखें मूँद लो गम में,
और कोई आँखों ही आँखों में याद हो,
वो है प्यारी बातें।
जब तुम टूट रहे हो,और किसी को
याद कर रहे हो, और वो सामने आ जाये,
वो है प्यारी बातें।
और जब तुम याद करो उन सारी बातों को,
जो तुम्हें खुश करे और उन्हें हमारी याद आ जाये,,
वो है प्यारी बातें।

-शिवा
17sept / 2016

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

तुम, मैं और दो कप चाय।

Art By : Amrita Patnaik  दिसम्बर की ठंड और मुझसे दूर तुम। मानो खुद के ही शहर में हो गया मैं गुम। आज भी हर सुबह, वो शाम याद आए, तुम, मैं और दो कप चाय । कड़कती ठंड में भी तुम जैसे, सुबह की हल्की धूप। ढलती शाम में भी निखरते चाँद का प्रतिरूप। वो सारे शाम, जो हमने साथ बिताए, तुम, मैं और दो कप चाय । साथ चलते - चलते उस शाम, तुमने चाय की फरमाइश की। और मेरे ना कहने की तो कोई गुंजाइश न थी। बहुत खूबसूरत लगती हो जब, होठों की मुस्कान, आँखों में आ जाए, तुम, मैं और दो कप चाय । बनते चाय में आता उबाल, जैसे तुम्हारे नाक पर गुस्सा। छोटी - मोटी नोकझोंक, वो भी हमारे प्यार का हिस्सा। तेरा मुझे डाँटना, आज भी मुझे रिझाए, तुम, मैं और दो कप चाय । दोनों हाथों से चाय का गिलास पकड़कर, तुम्हारा वो प्यार से फूँक लगाना। उन प्यारी - प्यारी अदाओं से दिल में मीठा हूँक उठाना। फिर गिलास को चूमती वो गुलाबी होंठ, हाय!!!! तुम, मैं और दो कप चाय । हर चुस्की पर सुकून से तेरा, वो आँखें बंद कर लेना। और खुली आँखों से तुम्हें तकते - तकते मेरा जी...

मेरे सपनों का भारत...

मेरे सपनों का भारत Art By Ananya Behera Drawn By : Anwesha Mishra कल रात को मैंने एक सपना देखा। सपने में वतन अपना देखा। मैंने देखा कि भारत बन गया है विकासशील से विकसित। जहाँ बच्चे से लेकर बूढ़े सभी थे शिक्षित। लोग कर चुका कर अदा कर रहे थे अपना फर्ज़। और काले धन से मुक्त होकर भारत पे नहीं था करोड़ों का कर्ज़। मेरे सपने में तो भारत अमेरिका के भी विकास के करीब था। उस भारत में, हरेक के पास रोज़गार और कोई नहीं गरीब था। जहाँ हर ओर मज़बूत सड़क, ऊँची इमारत और खेतों में हरयाली थी पर्याप्त। जहाँ विज्ञान का विकास और सर्वश्रेष्ठ थी यातायात। जहाँ उच्चतम तकनीकी विकास और विकसित था संचार। जहाँ नेता भलाई करते थे और शून्य पर था भ्रष्टाचार। मेरा सपना यहीं तक पहुँचा था कि हो गयी भोर। मेरी नींद टूट गई सुनकर गली में एक शोर। गली में कोई ऐसा गर्जित हुआ। कि स्वप्न को छोड़, वास्तविक भारत की ओर मेरा ध्यान आकर्षित हुआ। इस शोर ने मुझे देर से सोने की दे दी थी सजा। मैंने खिड़की खोलकर देखा कि शोर की क्या थी वजह? मैंन...

Bambai ki Barsat

बंबई की बरसात  Image Credit : Meta AI ईश्वर का सौगात हो तुम, जिंदगी की शुरुआत हो तुम सबसे छुपाकर रखा जाए,, प्यारी सी वो बात हो तुम, इंतजार को परखा जाए,, छठ पूजा की रात हो तुम, देखने को मन ललचाए,, पूनम का महताब हो तुम, नींद में भी हम मुस्काए,, भोरे भोर का ख्वाब हो तुम वेद पुराण सब व्यर्थ हो जाए,, अगर किसी को ज्ञात हो तुम बातों में कोई जीत ना पाए,, आखिरी शय और मात हो तुम चलते जाता हूँ मुस्काए,, जब से मेरे साथ हो तुम, याद तुम्हारी इतनी आए दिल के ऐसे ज़ज्बात हो तुम अब तुमको कैसे समझाएं मेरी पूरी कायनात हो तुम कोई तुम्हारे करीब आ जाए तब ईर्ष्या का उत्पात हो तुम प्रेम की तरह हम बहते जाएं गंगा की वो घाट हो तुम याद जो, हर बार याद आए उस शाम की मुलाकात हो तुम कभी हँसे तो कभी रुलाए बंबई की बरसात हो तुम... - दीपक कुमार साहू 23rd July 2025 02 : 00 : 35 AM