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लतीफा याद रखना

लतीफा याद रखना ना कुरान, ना गीता याद रखना।  मेरे दोस्त लतीफा याद रखना।  दुख तो आज अपने ही दे जाते हैं, तुम औरों को अपना बनाना।  वो भले चोट देकर जाएँ तुम उन्हें हमेशा हँसाना।  बीते कल का स्वाद, ना तीता याद रखना।  ना कुरान, ना गीता याद रखना।  मेरे दोस्त लतीफा याद रखना। बिना हँसी के जीवन का हर  ख्वाब मगरूर होता है।  कामयाब इंसान खुश हो ना हो पर  खुश इंसान कामयाब जरुर होता है।  वर्ना कामयाबी में हँसी का रीता याद रखना।  ना कुरान, ना गीता याद रखना।  मेरे दोस्त लतीफा याद रखना। “खुशी एक दृष्टिकोण है ”-वो नहीं समझेंगे  जिन्हें औरों का पतंग काटना आता है।  ज्ञानवान तो वो है जिसे खुशी  तलाशना नहीं बाँटना आता है।  कम से कम तेरा बचपन कैसे बीता याद रखना।  ना कुरान, ना गीता याद रखना।  मेरे दोस्त लतीफा याद रखना। “जिंदगी सैकड़ों वजह से रुलाएगी” किसी पर ना ताने कसना।  सैकड़ों मुसीबत के बीच भी  तुम हर बहाने हँसना।  किसी हँसते बच्चे का,  जूता बाँधते वक्त वो फीता याद रखना।  ना कुरान, ना गीता याद...
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शर्मा जी का लड़का

शर्मा जी का लड़का  शर्मा जी के लड़के को हर कोई काबिल बताता है,  ना किसी से उसका नाता है, ना किसी से बतियाता है...  बचपन से हँसमुख लड़का किसी बड़े इमारत में बैठे,  आज हर पल घबराता है, डर डर के मुस्कुराता है...  लंबी जिम्मेदारियाँ लेने की उसमें हिम्मत नहीं,  वो छोटे पौधे लगाता है पर पेड़ नहीं लगाता है...  अब छोटी खुशियाँ उसे खुश नहीं करती,  वो खामियाँ ज्यादा गिनाता है, शुक्र कम मनाता है...  आने वाले कल की फ़िक्र में जागते-जागते,  वो देर तक सो जाता है पर सपने नहीं सजाता है...  उलझा है अपने नौकरी में कुछ इस तरह कि  खाना जरूर खाता है पर स्वाद नहीं बताता है...  जीवन की इस होड़ से निकलने की चाह में,  वो फॉरम तो भर आता है पर सवाल नहीं लगाता है...  गर्मी की धूप और बारिश की बूँद उसे याद करती है,  वो पतंग नहीं उड़ाता है, अब छाता ओढ़ के आता है...  त्योहारों की खुशियाँ देखे बरसों बीत गए,  वो घर तो नहीं जाता है, पर पैसे खूब कमाता है...  जैसे किसी को उम्र कैद की सजा मिली हो,  वो ऑफिस से लौट के आता है और...

Bambai ki Barsat

बंबई की बरसात  Image Credit : Meta AI ईश्वर का सौगात हो तुम, जिंदगी की शुरुआत हो तुम सबसे छुपाकर रखा जाए,, प्यारी सी वो बात हो तुम, इंतजार को परखा जाए,, छठ पूजा की रात हो तुम, देखने को मन ललचाए,, पूनम का महताब हो तुम, नींद में भी हम मुस्काए,, भोरे भोर का ख्वाब हो तुम वेद पुराण सब व्यर्थ हो जाए,, अगर किसी को ज्ञात हो तुम बातों में कोई जीत ना पाए,, आखिरी शय और मात हो तुम चलते जाता हूँ मुस्काए,, जब से मेरे साथ हो तुम, याद तुम्हारी इतनी आए दिल के ऐसे ज़ज्बात हो तुम अब तुमको कैसे समझाएं मेरी पूरी कायनात हो तुम कोई तुम्हारे करीब आ जाए तब ईर्ष्या का उत्पात हो तुम प्रेम की तरह हम बहते जाएं गंगा की वो घाट हो तुम याद जो, हर बार याद आए उस शाम की मुलाकात हो तुम कभी हँसे तो कभी रुलाए बंबई की बरसात हो तुम... - दीपक कुमार साहू 23rd July 2025 02 : 00 : 35 AM

Khamosh Raho

खामोश रहो  Image Credit : Meta AI आता जाता हर कोई पूछेगा,, व़क्त ना आ जाए जब तक, खामोश रहो... हर सैलाब तुम पे ही टूटेगा,, ना चल दो आखिरी दाव, तब तक खामोश रहो... सुनकर याद रखना तुम सारे सवाल, जवाब देने का व़क्त आएगा, खामोश रहो... अपमान अपना तुम भुल ना जाना, हर आँसूं कर्ज चुकाएगा, खामोश रहो... भरी मेहफ़िल में तुमपर चिल्लाया गया, ये कहकर कि "तुम छोटे हो खामोश रहो..." एक नतीजा आएगा, तुम उनसे ऊपर बैठोगे, दिल दुखता है? तुम रोते हो? खामोश रहो... तुम जंग के मैदान में तलवार मत गिराना, इक दिन तख़्त बुलाएगा, खामोश रहो... कृष्ण ने भी माफ़ की थी 99 गलतियाँ,, 100 का आकड़ा आएगा खामोश रहो... साथ वाले साथी सब आगे निकल गए,, तुम्हारा किया हुआ मेहनत सच्चा है खामोश रहो...  तुम्हारी क्षमता से डरती थी ये दुनिया,, खुद को बुरा कहने से अच्छा है खामोश रहो... वनवास तुमको भी तोड़ेगा हर पल, श्रीराम की तरह, इंतजार में खामोश रहो... होती है पीड़ा, दुखता है ये दिल,, चीखना है तो जीत में चीख़ना, हार में खामोश रहो... बदलेगा लोगों का लहजा बात करने का,, ताने बन जाएंगीं बधाईयाँ, खामोश रहो.....

Kya Karun?

क्या करूँ?  Image Credit : Meta AI कोई दिल को इतना भा जाए तो क्या करूँ?  वो आँखों में देख के मुस्कुराए तो क्या करूँ?  उससे प्यार नहीं करने का, वादा तो कर लिया,  वो बिंदी लगा के आ जाए तो क्या करूँ?  शर्माने का काम तो उसका होना चाहिए,  वो हद से ज्यादा पास आ जाए तो क्या करूँ?  बंद कमरे में रहने की आदत सी हो गयी थी  वो सरे बाजार मुझे घुमाए तो क्या करूँ?  दुनिया से छिपा के रखना तो चाहता था उसे  मेरे बाहों में वो अपना हाथ सजाए तो क्या करूँ? उसे छुने से परहेज तो कर रखा था मैंने,  वो हाथों से खाना खिलाए तो क्या करूँ?  उससे बातें - वातें, बंद कर दूँगा सोचा था,  वो सामने मेरे रख दे चाय तो क्या करूँ?  कर देंगे नजर-अंदाज उसकी बातों को  वो आँखों से आँखें मिलाए तो क्या करूँ?  ये उजड़ा दिल आबाद ना होगा, मान लिया था,  कोई बस जाए बिना किराए तो क्या करूँ?  रूठ जाने का इरादा तो कर लिया था मैंने  वो काजल लगा के आ जाए तो क्या करूँ? बहुत कोशिश की थी यार!! कि उससे प्यार ना करूँ,  वो साड़ी पहन के झुमके लहराए तो ...

तुम मिलने आई नहीं

तुम मिलने आई नहीं  Image generated by Meta AI आईने के सामने कई दफा  प्यार का इजहार किया था  आज के दिन के लिए मैंने कैसे  खुद को तैय्यार किया था  ये बात मैंने किसी को बताई नहीं...  दिन ढल गया तुम मिलने आई नहीं... सोचा था मैंने कि आज तुमको  माता के दरबार लेकर जाऊँगा,  चरणों में गिरकर माता के मैं  अपने हिस्से का प्यार लेकर आऊंगा  क्या मैं इतना बुरा हूँ? मुझमें कोई अच्छाई नहीं?  दिन ढल गया तुम मिलने आई नहीं... तुम्हें मेरे शहर की नदी, झरने  और ठंडी हवा से मिलाने की जरूरत है  उन्हें भी तो दिखाऊँ कि  कोई उनसे भी खूबसूरत है  और इक गाने की फर्माइश थी जो तुमने सुनाई नहीं  दिन ढल गया तुम मिलने आई नहीं...  इक अच्छी फिल्म लगी है  और दो टिकटें मेरे पास हैं,  आज शाम हम वहाँ जाते  जहाँ की पानीपुरी बहोत खास है  अभी तो तुमने खाई है पिपलानी की मिठाई नहीं  दिन ढल गया तुम मिलने आई नहीं... मैंने तुम्हारे जन्मदिन का  केक मंगाकर रखा था  एक छोटा सा तोहफा भी  मैंने पैक कराकर रखा था  ...

माँ का खत

माँ का खत   Image Generated by Meta AI  ईट जोड़कर छोड़ दिया है,  अब पलस्तर ना करवाएंगे ...  बेटा तेरी नौकरी होगी  तो छत पर घर बनवाएंगे...  छत ढालने के पैसे नहीं हैं, अभी खप्पर ही लगवाएंगे... बेटा तेरी नौकरी होगी,  तो छत पर घर बनवाएंगे...  बरसात में खप्पर चुने लगेगा,  तो घर के सारे बर्तन लगवाएंगे,  बेटा तेरी नौकरी होगी,  तो छत पर घर बनवाएंगे...  कोचिंग के फीस के लिए खेत बेचा था,  वो इक दिन वापस खरीद ले आएंगे  बेटा तेरी नौकरी होगी,  तो छत पर घर बनवाएंगे...  इस बार की फसल खराब हो गई बेटा,  पर चिंता मत कर, हम आधे पेट तो खाएंगे...  बेटा तेरी नौकरी होगी,  तो छत पर घर बनवाएंगे... मेरे सोने के गहने गिरवी कर के  तेरे महीने के ख़र्चे भिजवाएंगे,  बेटा तेरी नौकरी होगी,  तो छत पर घर बनवाएंगे...  तेरी छोटी बहन कुंवारी है बेटा,  पैसे आने पर उसका सुहाग सजाएंगें बेटा तेरी नौकरी होगी,  तो छत पर घर बनवाएंगे...  तेरी बड़ी बहन के ससुराल वालों ने कहा है  कि मोटरसाइकिल दोगे तो...