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कौन कहता है?

कौन कहता है? 
Art By : Ananya Behera
Art By : Ananya Behera 

कौन कहता है वो पत्थर की बनी है? 
पिघल जाएगी, दिल की बातें कह कर तो देखो। 
कौन कहता है मंज़िल, सफर से बड़ी है? 
एक बार उसके संग, बह कर तो देखो। 

कौन कहता है वो प्यार जताती नहीं? 
दो पल संग उसके, बीताकर तो देखो। 
कौन कहता है वो किसी को अपनाती नहीं? 
दिल के गिले - शिकवे, मिटाकर तो देखो। 

कौन कहता है वो दुर्गा हो नहीं सकती? 
उसके गुस्से को कभी संभालकर तो देखो। 
कौन कहता है मोहब्बत हो नहीं सकती? 
उसके आँखों में आँखें डालकर तो देखो। 

कौन कहता है कुछ भी मुश्किल नहीं है? 
वो रूठे तो एक दफा, मनाकर तो देखो। 
कौन कहता है उसे कुछ भाता नहीं है? 
उसके लिए एक कविता बनाकर तो देखो। 

कौन कहता है वो किसी से झगड़ती नहीं है? 
उसके सामने, मेरी बुराई करके तो देखो। 
कौन कहता है मासूमियत अब दिखती नहीं है? 
नींद से उठकर उस जैसी अंगड़ाई भरके तो देखो। 

कौन कहता है अब बारिश होती नहीं है? 
एक दफा उसको, रुलाकर तो देखो। 
कौन कहता है अब फूल खिलते नहीं हैं? 
यूँ-ही बेवजह उसे हँसाकर तो देखो। 

कौन कहता है वो प्यार करेगी नहीं? 
मेरी तरह दिल और जान दे कर तो देखो। 
कौन कहता है अब वो शर्माती नहीं है? 
उसके सामने मेरा नाम लेकर तो देखो। 

कौन कहता है ईश्वर दिखते नहीं हैं? 
मेरी नज़र से, उसे कभी निहारकर तो देखो। 
कौन कहता है जीत सबसे बड़ी है? 
प्यार में ये दिल कभी, हार कर तो देखो।

कौन कहता है जीवन - सफर छोटा नहीं है? 
उसके संग चार कदम, चलकर तो देखो।
कौन कहता है शाम खूबसूरत नहीं है? 
थाम उसका हाथ कभी, टहलकर तो देखो। 

कौन कहता है समय थमता नहीं है? 
उसे मुस्कुराते वक़्त, ताक-कर तो देखो। 
कौन कहता है वो कहीं मिलती नहीं है? 
दिल में मेरे कभी, झाँक कर तो देखो। 

कौन कहता है वो सपने देखती नहीं? 
मेरी तरह बातें करके, सुलाकर तो देखो। 
कौन कहता है जग में, कुछ नामुमकिन नहीं है? 
उसे प्यार करके कभी, भुलाकर तो देखो। 

-दीपक कुमार साहू
-Deepak Kumar Sahu
15/08/2017
05:44:40 PM
Art By : Anwesha Mishra

Word Meanings 

गिले - शिकवे - Differences / Complaints
मासूमियत - Innocence
एक दफा - Once
बेवजह - without a reason
निहारना - to gaze
टहलना - to roam around
ताक - to gaze

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