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कोई फरिस्ता सा हो!


कोई फरिस्ता सा हो,
रहस्यमयी पहलू रखके,
कोई किताब सा हो,
कोई ऐसा हो, दिल के अरमानों सा हो,
जो मेरी ख़ामोशी को मुझसे पहले समझ ले,
जो गिरने से पहले ही, जमीं पर रोक ले,
जो मेरे हताश हो रोने से पहले, एक प्यार भरी मुस्कान दे,
और गले लगा कर कहे,
कोई तुमसा नहीं हो, बस तुम ही हो!

कोई, फरिस्ता सा हो,
ज़िन्दगी के एक कोने में उसके साथ
एक अलग सा रिश्ता सा हो,
उसके साथ वो नज़दीकियां हो,
मैं बांट सकूँ, उससे अपनी कमजोरियाँ हो,

उसके साथ एक अलग लगाओ हो,
मरहम करदे ज़िन्दगी के ज़ख्मों को,
कि वो ऐसा घाव हो,

वो परिंदा सा हो कोई,
जो उड़ के मुझे, आसमान छूना सिखाये,
मुझे आजमाए, कभी बहोत हँसाये,
कभी थोड़ा शर्माए,
और अगर हो जाये कभी गलती
तो प्यार से डाँट लगाये।

वो एक अंतहीन कविता सा हो,
जो बस मैंने लिखा, और सिर्फ मेरे लिए हो,
कोई फरिस्ता सा हो।

जो मेरे ख़ुदा को भेजे,
मेरे दिल के पैगाम सा हो,
और उस दुआ का अनोखा अंजाम सा हो
कोई फरिस्ता सा हो,
उसके साथ दिल का एक
अलग रिश्ता सा हो

वो जैसे लाल गुलाब के बाघ में
सफ़ेद और पीले गुलाब सा हो,
एक नायाब सा बंधन उसके साथ सा हो,

मैं उसे पूरी दुनिया से छुपा के रख सकूँ
ऐसा राज़ सा हो,
वो हो जैसे कोई  अलग
एक बुझ न पाए आग सा हो

कोई फरिस्ता सा हो,
कोई फरिस्ता सा हो


_Shiva rajak
कवी, 61th poem
11th August _ 1:43pm


Comments

  1. Awesome poem... Very deep..

    My favorite lines
    वो जैसे लाल गुलाब के बाघ में
    सफ़ेद और पीले गुलाब सा हो,

    ReplyDelete
    Replies
    1. Appreciation from you means a lot to me bhaiya,
      Keep supporting .

      Delete
  2. Its really have a very deep meaning shiva .Hmm u also dont require anyone to complete u becoz if someone will get u she will get completed by u.😊

    ReplyDelete
    Replies
    1. Oh ,I don't know who are you, but thanks a lot,
      Such Compliments really means a lot to me!!
      Thanks again☺️☺️👍

      Delete
  3. Replies
    1. Thanks akankshya ,☺️
      Happy with the wishes , fortunate having friends like u!!☺️👍

      Delete
  4. Thank u so much for being regarded me as a friend. Although we dont know each other very well.

    ReplyDelete

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