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Shayari No. 14



 मिलूंगा तुमसे तो कहूँगा क्या?

पूछूँगा खैरियत?

माँग लूँगा माफ़ी?

या खड़े चुपचाप बंद होंठों से,

रोकुंगा अपने आँसू...?


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