लतीफा याद रखना ना कुरान, ना गीता याद रखना। मेरे दोस्त लतीफा याद रखना। दुख तो आज अपने ही दे जाते हैं, तुम औरों को अपना बनाना। वो भले चोट देकर जाएँ तुम उन्हें हमेशा हँसाना। बीते कल का स्वाद, ना तीता याद रखना। ना कुरान, ना गीता याद रखना। मेरे दोस्त लतीफा याद रखना। बिना हँसी के जीवन का हर ख्वाब मगरूर होता है। कामयाब इंसान खुश हो ना हो पर खुश इंसान कामयाब जरुर होता है। वर्ना कामयाबी में हँसी का रीता याद रखना। ना कुरान, ना गीता याद रखना। मेरे दोस्त लतीफा याद रखना। “खुशी एक दृष्टिकोण है ”-वो नहीं समझेंगे जिन्हें औरों का पतंग काटना आता है। ज्ञानवान तो वो है जिसे खुशी तलाशना नहीं बाँटना आता है। कम से कम तेरा बचपन कैसे बीता याद रखना। ना कुरान, ना गीता याद रखना। मेरे दोस्त लतीफा याद रखना। “जिंदगी सैकड़ों वजह से रुलाएगी” किसी पर ना ताने कसना। सैकड़ों मुसीबत के बीच भी तुम हर बहाने हँसना। किसी हँसते बच्चे का, जूता बाँधते वक्त वो फीता याद रखना। ना कुरान, ना गीता याद...
The 'Poet' made the 'Poem' &
The 'Poem' made the 'Poet'