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Shayari No. 62

 


 यूँ बार बार ना रोका कर, 

ठहर जाएगा एक दिन,, 


बात बात पर कोसा कर, 

कुछ कर जाएगा एक दिन,, 


आशिक है रे तेरा, तुझसे प्यार करता है,, 


कुछ कहने से पहले सोचा कर 

मर जाएगा एक दिन... 

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